तुलसी मंजरी से पूजा क्यो की जाती है
*🌿🍃तुलसी मंजरी से पूजा की महिमा:-🌿🙏* *तुलसी को हमारे धर्म शास्त्रों में एक उच्च स्थान प्राप्त है तुलसी को केशव प्रिया भी कहा गया है तुलसी के साथ-साथ तुलसी की मंजरी से पूजा की भी विशिष्टता है,शास्त्रों में बताया गया है कि* *“🍃तुलसी-मंजरीभिर्यः कुर्यात् हरिहरार्चनम् , न स गर्भगृहं याति मुक्तिभागी न संशयः।”* *अर्थात् तुलसी की मंजरी से जो हरि अर्थात भगवान विष्णु और शिव की पूजा करता है उसको गर्भ में वास नहीं करना पड़ता अर्थात् वह जीव जन्म-मरण के चक्कर से मुक्त हो जाता है।* *ब्रह्माण्ड पुराण में कहा गया है कि तुलसी पर लगी सूखी मंजरियों को हटा देना चाहिए। क्योंकि सूखी मंजरियों के होने से तुलसी दुखी रहती हैं। मंजरी रहित होने पर तुलसी के पौधे का विकास होता है।* *यदि आपके घर में तुलसी में मंजरी ज्यादा है तो आपको उसे हटा दूसरी तुलसी लगा देना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार अधिक मंजरी वाल तुलसी कष्ट में होती है। तुलसी को कष्ट में नही रखना चाहिए। बस यही वजह है कि आपको अपने घर में ज्यादा मंजरी वाली तुलसी नहीं रखनी चाहिए।* *यदि तुलसी-दल को तोड़ें तो उसकी मंजरी और पास के पत्ते तो...